Mohan Bhagwat Ji कौन हैं? RSS क्या है?

MOHAN bhAGWAT JI
MOHAN bhAGWAT JI

मोहन भागवत कौन है ?

Mohan Bhagwat Ji राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSSसंघ परिवार के मुखिया वर्तमान के संघ चालक है। वहीं संघ परिवार जिसके अंतर्गत 36 से ज्यादा संस्थाएं आते हैं जिनमें भारत की सत्ता पार्टी भारतीय जनता पार्टी भी संघ परिवार का एक हिस्सा है। इसी संघ परिवार को चलाते हैं मोहन भागवत जी।

मोहन भागवत जी का जन्म 11 सितंबर 1950 में सांगली महाराष्ट्र में हुआ उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लोकमान्य तिलक विद्यालय चंद्रपुर, महाराष्ट्र से की और अपने कॉलेज की पढ़ाई A9 जनता कॉलेज चंद्रपुर से और Government Veterinary College, Nagpur से की। 1975 के बाद इन्होने Post Graduation छोड़ पूरी तरह से आरएसएस के प्रचारक बन गए।

इनके पिता मधुकर राव भागवत RSS मैं एक कार्यवाहक थे जोकि आगे चलकर प्रांत प्रचारक बने। और इनके माता मालती देवी वह भी RSS मैं लोकमान्य तिलक विद्यालय में शिक्षक के रूप में काम किया करते थी।

Mohan Bhagwat Quotes

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या है ? OR

RSS क्या है ?

मोहन भागवत जी के बारे में जानने से पहले हमें समझना होगा कि RSS क्या है और वह किस काम के लिए बनाई गई। 27 September 1925 मैं केशव बलिराम हेडगेवार जी (DoctorJi)  ने इसकी नागपुर में विजयदशमी के दिन स्थापना की थी वह उस समय वीर दामोदर सावरकर से मिलकर आए थे और वह उनसे इतने ज्यादा प्रभावित हुए की उन्होंने सीधा यह ठान लिया था कि अब वह एक Organisation बनाएंगे जोकि Hinduism की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम करेगी।

आर एस एस कहता है कि हम एक सांस्कृतिक संस्था है ना कि कोई राजनीतिक संस्था हम देश की संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहते हैं देश के युवा को हमारी संस्कृति से जोड़ना चाहते हैं। उन्हें सिखाना चाहते हैं कि कैसे महान हिंदू राष्ट्र है जो हजारों सालों से चला आ रहा है केवल 1947 से नहीं जन्मा है हजारों सालों की परंपरा है और इसे हम आगे भी ऐसे ही रखना चाहते हैं। RSS हिंदु राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता है और उसके इस संस्थाओं को हिंदुत्व का नाम दिया जाता है। आर एस एस हमेशा से Discipline और Dedication के Basis  पर काम करती है।

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जितने भी बीजेपी मैं बड़े नेता हुए हैं वह आर एस एस से ही निकले हैं जैसे कि अटल बिहारी वाजपेई जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी या दोनों एक समय पर RSS में थे। नरेंद्र मोदी जी ने तो बहुत ही कम उम्र से शाखा जाना शुरू कर दिया था।

Mohan Bhagwat ji Contribution In RSS

1975 से मोहन भागवत जी RSS के प्रचारक बने उसके कुछ समय बाद ही इमरजेंसी लगा दी गई थी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा उस समय आर एस एस के वर्कर्स को इतनी परेशानी झेलनी पड़ी कि एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी भी बताते हैं कि उन्हें भी इमरजेंसी के दौरान भेष बदलकर काम करना पड़ा था क्योंकि उनका काम था कि एक जगह से दूसरी जगह इंफॉर्मेशन को ट्रांसफर करना पर यह लगभग 2 साल तक चला 1975– 1977 तक।

लेकिन उसके बाद जब Emergency हटाई गई तो मोहन भागवत और बाकी लीडर्स पूरी तरह से प्रचार मैं जुट गए। उत्तरप्रदेश और बिहार की तरफ क्युकी महाराष्ट्र मैं तो पहले ही बोहोत मजबूत संस्था बन चुकी थी RSS की। कुछ समय बाद ही 1991 मैं मोहन भागवत जी को अखिल भारतीय शारीरिक परमुख बना दिया गया और वह 1999 तक अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख के पद पर काम किया जिसमे उन्हें युवाओं को Physical Training दी जाती है।

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जहां RSS का मानना था की वह Western Culture को नहीं अपनाएगी और उनकी कोई भी लाभ नहीं उठाएगी। वही मोहन भगवत जी के आने के बाद उन्होंने Modernity को समझा और उसमे जो भी एक संस्था को तौर पर अच्छा हो सकता था उन्होंने सब किया।

जैसे की पहले RSS की Uniform मैं केवल एक White Plane Shirt और Half Pant हुआ करती थी ।लेकिन मोहन भागवत जी ने उसे बदल कर पूरा पैंट लागू कर दिया।

पहले आरएसएस कोई Digital वस्तुओ का प्रयोग नहीं किया करती थी लेकिन मोहन भागवत जी के आने के बाद उन्होने Digital Communication को समझा और उनके आने के बाद आज RSS हर बड़ी जगह फैली हुई है।आज RSS Social Media’s पर भी इतनी ज्यादा Active रहती है।

मोहन भागवत जी के आने बाद से ही शाखाओं का जो समय हुआ करता था सुबह 5 बजे । उसे भी बदल कर बढ़ा दिया गया किया क्युकी उससे भी कई लोग उस समय पर नही पहुंच पाते थे।  उन्होने शाखाओं के ऐसे समय रखे की हर एक व्यक्ती उसमे आराम से पहुंच सके। उन्होने टाइम को हिस्सो मैं बात दिया। अब इसके कारण RSS की शाखाओ मैं आने वाले व्यक्तियों की संख्या मैं भी बाधहोत्री होने लगी।और आज देश मैं कुल 50,000 से ज्यादा शाखाएं है। हर शहर हर जिले हर गांव मैं आपको शाखा मिल जाएगी।

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सन 2000 मैं जब अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार थी तब Rajendra Singh और H.V Sheshadri ने ये ऐलान किया की वह RSS Chief के पद से इस्तीफा दे रहे है। तब K.S Sudarshan को नया Chief बनाया गया और मोहन भागवत जी को General Secretary बनाया गया। आरएसएस मैं General Secretary के बाद Promotion के बाद सीधे Chief बनाया जाता है। उसके बाद 2009 मैं  मोहन भागवत जी को RSS का Chief  (Sarsanghchalak) बनाया गया। इसी के दौरान बीजेपी दो Election हार चुकी थी और 2009 मैं भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

2009 मैं जब मोहन भागवत जी जब सरसंघचालक बने उन्होंने यह साफ कर दिया कि मेरे जो काम करने का तरीका है वह जरा हटके होगा। हालांकि मोहन भागवत जी एकदम साधारण तरीके से रहते हैं मैं ज्यादा अपना प्रचार शक नहीं करते लेकिन उनके कार्यों से पता चल जाता है कि उनकी सूची क्या है। मोहन भागवत जी ने सर्च संचालक बनने के बाद ही आर एस एस मैं कई सारे बदलाव किए जैसे कि शाखाओं की के समय को आगे बढ़ाना और आरएसएस संस्था को बाकी प्रदेशों में और मजबूत करना । मोहन भागवत जी ने ही भारतीय जनता पार्टी मैं काफी बदलाव किए 2009 के हार के बाद मोहन भागवत जी ने ही श्री नरेंद्र मोदी जी का नाम पीएम पद के लिए आगे रखा और भी कई सारे जवान लीडर को आगे किया जिनमें से नितिन गडकरी भी बहुत बड़ा नाम शुमार है आरा की सब को यह लगता था कि नितिन गडकरी को इतनी जल्दी राजनीति में नहीं लाना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जा रहा था की उनको राजनीति की इतनी समझ नहीं है और वह उस समय केवल 52 वर्ष के थे। लेकिन मोहन भागवत जी ने उन पर विश्वास जताया और अपनी बातें मेंबर से कहा कि मुझे विश्वास है कि नितिन गडकरी बहुत अच्छा काम करेंगे और आगे जाकर उनका विश्वास सफल भी हुआ।

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मोहन भागवत जी कहते हैं कि हम कोई पार्टी नहीं है हम राष्ट्र हित के लिए जो भी अच्छा होगा हम उसका समर्थन करेंगे चाहे वह कोई भी हो और जो राष्ट्र के विरोध में कोई खड़ा होगा तो हम उसका विरोध करेंगे चाहे वह कोई भी हो हमारा किसी भी पार्टी को कोई किसी तरह का समर्थन नहीं है लेकिन अगर कोई भी पार्टी या कोई भी इंडिविजुअल राष्ट्र हित की बात करेगा तो हमारी तरफ से उनको पूर्ण समर्थन मिलेगा ऐसा हमने किया भी है और यह पूरे देश को पता है। क्योंकि हम राजनीति मैं नहीं जाना चाहते हालांकि हम जा सकते हैं हमारे संस्था हमारी जनता में इतनी ताकत है कि हमें जीता भी देगी लेकिन हम नहीं जाना चाहते क्योंकि यह हमें तय किया है पहले से ही। जब से संघ का निर्माण हुआ है तबसे। क्योंकि कुछ काम ऐसे हैं जो राजनीति नहीं कर सकती जो राजनीति बिगाड़ देती है जैसे जी मनुष्य को जोड़ने का काम राजनीति से होने वाला नहीं है राजनीति चाहे तो उस पर असर डाल सकती है उसे बिगाड़ सकती हैं। लेकिन लोगों को जोड़ने का काम राजनीति है का नहीं है।

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Ideology

मोहन भागवत जी कहते हैं कि हम अनेकता मैं एकता देखते हैं।

मोहन भागवत जी का मानना था की अगर आपको चिज़ो को सही करना है तो वक्त के हिसाब से चलना होगा।

RSS में किसी भी जाति धर्म का कोई भी व्यक्ति आ सकता पर केवल इस शर्त पर की उनसे वातावरण की शांति भंग ना हो।

Rashtriya Swayamsevak Sangh राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अल्टीमेट आईडियोलॉजी यही है कि वह पूरे भारत में हिंदू राष्ट्र तो लाना ही चाहते हैं लेकिन बाकी किसी धर्म ले जाती हो बिना नुकसान पहुंचाए।

Q&A

मोहन भागवत का व्हाट्सएप नंबर क्या है?

मोहन भागवत जी का Whatsapp नंबर अपको किसी भी Social Media या फिर किसी भी Website से नही मिलेगा। लेकिन आपको उनका Business Email RSS की Official Website पर मिल जायेगा उसके इस्तेमाल कर आप मोहन भागवत जी से संपर्क कर सकते है।

क्या मोहन भागवत ब्राह्मण है ।

हां, मोहन भागवत जी एक ब्राह्मण परीवर से जन्मे है। और वह अपने बचपन से ही संघ परिवार से जुड़े है क्युकी उनके माता पिता भी शुरू से संघ परिवार का एक रहे है।

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