Tribute to Neta Ji The Greatest leader of the Country, Quotes, Biography

The Greatest leader of the Country
The Greatest leader of the Country

Neta ji Subhash Chandra Bose

भारत देश के सबसे बड़े लीडर The Greatest leader of the Country के बारे मैं हमने पहले भी एक Article लिखा था. जिसको आप लोगो ने बोहोत पसंद किया। उसमे हमने बात की थी Neta Ji Subhash Chandra Bose के प्रारंभिक जीवन की , उनके शिक्षा, उनकी सोच और  उनके राजनीती मै शुरआत करने से लेकर केसे गांधी जी ने उन्हे इस्तीफा देने को कहा और उन्होंने बिना किसी सवाल किए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहाँ हमने आपको नेताजी और गांधी जी के संबंधों से लेकर उनके विचारों तक बताया था। और आज हम बात करेंगे उनके और Indian National Army UPSC के बारे मे.

आशा करते है आप  ये Article पढ़ सच्चाई जान सके। हम अपनी तरफ से जितना नेताजी को शब्दो मै प्रस्तुत कर पाए उतनी कोशिश करेंगे। आखिरी मै हमारे कुछ सवाल है। जो सारे देश की जनता को जानने का हक़ है लेकिन आज तक कभी उसका जवाब सामने नहीं आया।

Role of Subhash Chandra Bose in India’s struggle for freedom :

Neta ji subhash chandra bose
Neta ji subhash chandra bose

नेताजी  इस्तीफा देने के बाद :

जब नेताजी ने इस्तीफ़ा दिया उसके बाद कांग्रेस से इन्हे बाहर कर दिया गया Congress कोई support नही कर रही थी। और अंग्रेजों की तरफ से इनपर निगरानी रखी जाने लगी।  इसलिए इन्होंने सोचा अब देश मै रहकर कुछ करना संभव नहीं। क्यों ना मै Global Alliances Build करू, Global Geo Political Advantages लेकर आऊ ।

इसलिए ये देश से बाहर निकलने के लाई इन्होने अपने एक मित्र Mia Akbar Shah उन्हे Peshawar से Kolkata बुलाया और कहा तुम मुझे किसी तरह से Kabul ले जाने की प्रबंध करो मुझे Kabul के रास्ते Russia जाना है। नेताजी जेसे तेसे अंग्रेजो के जासूसों से छुपके Kolkata से Dhanbad, Dhanbad से Kabul पहुंचे। फिर Kabul से Moscow  पहुंचे।

Subhash Chandra Bose And Hitler :

बड़ी मुश्किलो का सामना करते हुए नेतजी Russia पहुंच गए Hitler से मिलने। इन्होंने हिटलर से Appointment लेने की बहुत कोशिशें की बड़ी मुश्किल से इन्हें Appointment मिली। जब नेताजी Hitler से मिलने पहुंचे तो Hitler आया और हाथ बढ़ा कर कहते है

“Hello, I’m Hitler” बताओ क्या बात है। नेताजी कहते है ” Hello मैं Subhash Chandra Bharat से आया हु । लेकिन मै आपसे नही मै Hitler से मिलने आया हु। Hitler हैरान हो गए और कहने लगे मै ही तो Hittler हूं। फिर वो वापस लौट कर चले गए अंदर।

कुछ देर बाद एक दुबारा Hitler आते है। और बोलते है Hello मैं Hitler बताइए?

Netaji फिर से खड़े होकर कहते है नमस्ते मै Subhash Chandra Bose मै भारत से आया हु। और मुझे हिटलर से मिलना है आपसे नही।ये सुनकर सब हैरान हो गए। और कहने लगे Hitler हि तो आए है मिलने। लेकिन नेताजी ने कहा मैं Hitler से मिलूंगा और किसी से नहीं।ऐसे ही करके तीन चार लोग आए नेताजी ने सबको मिलने से मना कर दिया ।

कुछ देर बाद Hitler आए और दूर से खड़े होकर नेताजी को देखने लगे। नेताजी खड़े हुए। Hitler ने कहीए क्या बात है क्यू मिलना चहते है। नेताजी मुस्कुरा के कहा नमस्कार मै Subhash Chandra Bose भारत से आया हु। मैं आपका बहुत धन्यवाद करता हू अपने मुझे मिलने का अवसर दिया। ये सुनकर Hitler Hairan रह गए।

दरअसल मैं Hitler अपने 4–5 बहरूपिए बना रखे थे। उसको अपनी जान का खतरा रहता था।

और ऐसा पहली बार हुआ की किसी व्यक्ति ने असली Hitler को पहचान लिया हो

Hitler ने बोला बाकी सारी बाद मैं पहले आप ये बताइए की अपने मुझे पचाना केसे। मेरे ये हमशक्ल है ये पूरी दुनिया घूम आते है सारे काम कर आते है आजतक पुरी दुनिया मै किसी ने नहीं पहचाना। तुमने कैसे पहचान लिया ?

Subhash Chandra Bose बोले मैं आपसे मदद मांगने आया हु आपके स्थान पर । इसलिए आपका स्वभाव थोड़ा गर्वात्मक होना चाहिए। लेकिन आपके हमशक्ल पहले आके हाथ बढ़ा देते थे। तो मैं उसी से समझ गया।

Hitler बोला ऐसा Inteligent आदमी कभी नहीं देखा। और Meeting के बाद Hitler इतना प्रभावित हुए की हिटलर ने जो हिंदुस्तानी युद्ध बंधी जो बना रखे थे । उनको उन्होंने Free कर दिया और Netaji को से दिए।

indian National Army

Azad Hind fauj – Indian National Army UPSC Based :

जो 40000 सैनिक Hitler ने free किए थे उन्हीं से नेताजी ने एक Azad Hind Fauj त्यार की। इसमें Hitler ने Netaji की बहुत मदद की। उन्होंने कहा आप लड़ना चाहते हो और Germany का साथ चहते हो। पर भारत Germany से बहुत दूर है। और Japan Access Power है। मैं आपकी बात Japan से बात करवा देता हु। जापान आपकी मदद जरूर करेगा क्योंकि जापान हमारे साथ का है। और Japan भी अंग्रेजो के खिलाफ है। आपको यहा से Japan भेजवा देते है।

दरअसल उस समय World War 2 चल रहा था। और विश्व दो घुटो मै बाटा हुआ था। एक था Axis Alliance और दूसरे थे Allied Power ।

Axis Alliance मै Germany, Italy Japan और Allied Power मै थे England, USA , France , Poland And Soviet Union.

Hitler ने नेताजी को Germany के नवसेना का जहाज दिया। उसे ये पहले Sumatra पहुंचे जो उस समय जापान का हुआ करता था । वहा से Netaji Tokyo पहुंचे और वहां के Prime minister से मिले। उन्हे भी Influence किया नेताजी  जापान के Prime minister को कहते है  देखिए Asia तो Asians का ही होना चहिए यहाँ बाहर के अंग्रेज केसे आ गए। वह कहते है आपके यह भी भगवान को पूजनीय है। और हमारे यह भी Bhagwan बुद्ध बहुत पूजनीय है इस तरह से तो हम भाई भाई हो गई ।

उस समय Japan और सिंगापुरी की भी लड़ाई चल रही थी। जापान Singapore मै Attack कर रहे है । अंग्रेजो की 85000 की सेना सिंगापुर मैं थी जिसमे से 45000 सैना भारतीय थी । नेताजी ने Japan के PM से बात की ओर उन्हे योजना समझाया की जब आप लोग Singapore मैं attack करे वहा पर्चे फेक दो। और हर Paper पर HINDI, English, Tamil सभी भाषाओं मै लिखना है “तुम भारतीय कब्तक अंग्रेजों के गुलाम बनकर उनके साथ लड़ते रहोगे”।

अब वह जितने भारतीय थे वह ये पढ़ लेते थे। और ये पढ़ने के बाद वह अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह चालू हो गया । और ये रणनीति सफल रही और Sinagpore को जापान ने जीत लिया ।

जितने भी भारतीय सेना थे Singapore मै भारतीय सेना थी उनको जापान ने Subhash Chandra Bose को दे दिया। Ras Bihari Bose जो वहीं पर Army को त्यार करते थे उन्होंने मिलकर Netaji Subhash Chandra Bose को सारी सेना सौंप दी और यहां से त्यार हुई Azad Hind fauj।

इसमें इन्होंने महिलाओं की भी Brigade त्यार की जिसका नाम इन्होंने Jhansi ki Rani Brigade  रखा जब की विश्व मै पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था।

यहां से अंग्रेजों को भी पता चल गया की नेताज़ी बहुत बड़ी तयारी कर रहे है। दूसरी तरफ Japan Burma को जीत चुका था। तो नेताजी ने Plan बनाया की अब Burma के रस्ते भारत मै घुसेंगे। Nagaland के पहाड़ी इलाकों, मैदानी इलाकों से होते हुए भारत मै घुसेंगे।

April 1944 मै Azad Hind fauj जो Singapore से अपनी सेना तैयार करके आई थी। उन्होंने British सेना हरा कर के पहली बार  Manipur मै पहली बार तिरंगा फहराया। पूरे देश को हिला कर रख दिया।

Neta ji
Neta ji

Netaji Subhash Chandra Bose Death Mystery :

1945 मै America ने Hiroshima Nagasaki मै Attack कर किया जिस कारण Japan को आज़ाद हिन्द फौज से अपना Support वापस लेना पड़ा।

जिससे सेना के की खाना पीने की कमी पड़ रही थी और भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

लेकिन नेताजी किसी दूसरे प्लान के बारे में सोच रहे थे। वे Vietnam से Flight लेकर Moscow जाना चाहते थे नए Alliances Build करने ।

Vietnam se Moscow जाते वक्त Taivan मै उनकी Plane Crash मै मृत्यु हो गई।

हालाकि ये आज भी कही भी किसी भी तरीक़े से जनता के सामने Proof नही किया गया हैं। इसके पीछे भी कई सारी Theories बताई जाती है। कई सारे सवाल उठते है की आखिर ऐसा हुआ क्या था। कहा गए Neta Ji Subhash Chandra Bose . 

कुछ लोग कहते या मानते की Neta Ji Plane Crash मै चले गए। वही General GD Bakshi ने बताया कि Neta Ji को Torcher किया गया अंग्रेजो के द्वारा Prison के जेल मै उन्हे मार दिया गया। और कुछ लोग मानते है की वह जीवित थे वह French Secret Services Involved रहे। तो कुछ लोग मानते है की Neta Ji ने आगे चल कर के एक बाबा का रुप ले  लिया ये भी कुछ लोग मानते है।

लेकिन जो Officially जनता को बताया गया को वह एक Plane Crash मै उनकी मृत्यु हो गई।

  1. अगर 1945 मै Neta Ji की मृत्यु हुई थीं तो 1967 तक Subhash Chandra Bose के घर पर नज़र क्यों राखी गई ?
  2. अगर उनकी मृत्यु Plane Crash मै हुई तो टोक्यो मै जो उनकी  Ashes की आजतक DNA Testing क्यों नही की गई?
  1. अगर उनकी मृत्यु एक Plane Carsh मै हुई तो जिस Hospital मै उन्हें admit किया गया वहां से media को उनकी एक Single फोटो तक क्यों नही लेने दिया गया।
  2. अगर उनकी मृत्यु एक Plane Crash मै हुई तो Taivan की On Ground Investigation Reports मै ऐसे किसी Plane Crash का कोई Record ही नही है। केसे?
  3. अगर उनकी मृत्यु हुई भी तो आजतक उनका Death Certificate क्यों नहीं बना?
  4. Nehru Ji की Sister Soviet Union की Ambassdor थी। उन्होंने एक Public Meeting मैं कहा की Russia मै, मैं एक Aese Vyakti से मिली जिसके बारे मैं जानकर कितना भारत आज़ादी मिलने पर खुश हुआ था उससे कही ज्यादा खुश होगा।

लेकिन ये Speech Complete करने से पहले ही नेहरू जी उन्हें रोक लिया। क्यों ?

Neta Ji Subhash Chandra Bose  अगर जिंदा होते तो Chances थे की इनको ही राष्ट्रा पिता की उपाधी मिलती । और Prime Minister तो पक्का बनते ही। शायद इसी कारण ये सारी चीज़े जनता से छुपाई गई।

indian National Army UPSC

Subhash Chandra Bose की मृत्यु के बाद :

नेता जी की मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने Azad Hind Fauj के सारे सेना को बंधी बना लिया । और उन्हें देशत्रोह के आरोप मै जेल मै डाल दिया गया ।  लेकिन भारत की जनता के अंदर अब घुसा बहुत बढ़ने लगा क्युकी एक तो Neta Ji की मृत्यु की खबर आई ऊपर से अंग्रेजों ने Azad Hind Fauj को भी बंधी बना लिया।

इसी कारण जनता मै क्रोध था । और British Navy, British Air force, British Arm Force  मै जितने भी भारतीय काम करते थे उन्होंने ये खबरे सुनकर उनका विरोध करना शूरू किया ऐसे ही करते करते जितने भी भारती थे उन सब ने विरोध करना शूरू किया। इससे British सरकार परेशान हो चुकी थी।

भारत मै British Army 40000 की थी और उसमे 25,00,000 भारतीए सेना थी। अब जब भारतीय सेना ने Britishers  का विरोध करना शूरू किया तब उन्होंने भारतीयों सेना को Salary देना बंद कर दिया इसके कारण और विद्रोह बढ़ गया।

लोग पूछते है Neta Ji Subhash Chandra Bose ने क्या किया । ये किया पूरे देश के अंदर पहले लोग बोलते थे की यहां भी थप्पड़ मारो यहां भी थप्पड़ मारो। लेकिन अब पूरी सेना ने इतने थप्पड़ मारे की सब छोड़ भागना पड़ा।

इसके बाद ही Britain ने Indpendence की घोषणा करना शूरू की।

Clement Attlee जोकि उस समय के Prime Minister थे। Independence के बाद जब वह भारत आए तब उनसे सवाल किया गया की आप ने World War 1 भी जीत लिया था World War 2 भी जीत लिया था। आपके पास इतनी Power थी तो अपने क्यों छोड़ दिया भारत?

वह बोले भारतीए सेना का जो विद्रोह था उससे हम टूट चुके थे। हम उन्हे तनख़ा भी दे रहे थे और वह लगातार हमारा विद्रोह कर रहे थे। और हमे इस बात का भी डर था कहीं Azad Hind Fauj फिरसे ना आ जाए।

उनसे दूसरा सवाल किया गया की जो भारत मै नर्म दल था यानी की गांधी नेहरू वाला उसका कितना प्रभाव पड़ा?

Clement Attlee बोले उनका तो कोई प्रभाव ही नहीं था।

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Special Points :

गांधी भी यह बात जानते थे की जिन्ना कितना भी शोर मचा ले लेकिन सारे हिंदू हों या मुसलमान अगर किसी एक की बात मानते थे तो वो थे Subhash chandra Bose.

Mohammad Ali Jinnah ने खुद एक बार बोला था अगर Neta Ji Subhash Chandra Bose Prime Minister बनते है तो हम उनके साथ रहने को तयार हु हमें अलग पकिस्तान की जरूरत नहीं है।

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